15 August 2023 पर फहराना है तिरंगा तो इन बातों का रखें ख्याल, नहीं तो जेल भी हो सकती है

तिरंगा फहराने के कुछ नियम हैं, जिसे सभी को जानना चाहिए. गलत तरीके से तिरंगा फहराने पर आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है. इतना ही नहीं जेल भी हो सकती है

15 अगस्त को ध्वजारोहण किया जाता है और 26 जनवरी को तिरंगा फहराया जाता है. ध्वजारोहण और झंडा फहराने के बीच एक बड़ा अंतर है.

– तिरंगा हाथ से काते गए सूती, सिल्क या खादी के कपड़े से बना होना चाहिए. इसकी लंबाई-चौड़ाई का अनुपात 3:2 होना चाहिए.

– झंडे को आधा झुकाकर कभी भी ध्वजारोहण नहीं करना चाहिए. बिना आदेश तिरंगा आधा नहीं फहराया जा सकता. – किसी को भी सलामी देने के लिए तिरंगे को झुकाया नहीं जा सकता.

– तिरंगे में किसी तरह की तस्वीर, पेंटिंग या फोटोग्राफ्स का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. – राष्ट्रीय ध्वज के साथ किसी तरह की झेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए. यह फटा या मैला नहीं होना चाहिए.

– कागज का तिरंगा इस्तेमाल करने के बाद उसे किसी एकांत जगह पर रख दें, क्योंकि इसे इस्तेमाल के बाद कूड़े  या सड़क पर फेंकने से इसका अपमान माना जाता है.

– पहले तिरंगे को केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराने की अनुमति थी. अब हर घर तिरंगा अभियान के तहत सरकार ने 20 जुलाई 2022 को कानून में संशोधन करते हुए इस बार तिरंगे को किसी भी वक्त फहराने की अनुमति दी है. अब इसे दिन रात 24 घंटे फहराया जा सकता है.

– अगर कोई भी कोई व्यक्ति राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करते, इसे जलाते, गंदा करते, कुचलते या नियम के खिलाफ ध्वजारोहण करते पाया जाता है तो उसे 3 साल की जेल या जुर्माना या फिर दोनों की सजा हो सकती है.