प्रतिभाशाली, योद्धा, झाँसी की रानी की AI द्वारा बनाई गई कुछ छवियां

प्रतिभाशाली, योद्धा, झाँसी की रानी की AI द्वारा बनाई गई कुछ छवियां

उनका जन्म 19 नवंबर, 1828 को वाराणसी जिले  के धनपूर गांव में हुआ था।

उनका जन्म 19 नवंबर, 1828 को वाराणसी जिले  के धनपूर गांव में हुआ था।

रानी लक्ष्मीबाई भारतीय इतिहास की प्रसिद्ध महिला सेनानी थीं। वे 19वीं सदी की मध्यवर्ती भारतीय इतिहास की प्रमुख व्यक्तित्वों में से एक मानी जाती हैं।

लक्ष्मीबाई का असली नाम मणिकर्णिका था, जो कि बाद में लक्ष्मीबाई के रूप में प्रसिद्ध हुआ।

लक्ष्मीबाई ने अपनी जीवन के दौरान निर्णायक भूमिका निभाई और आगे बढ़ने के लिए अपने पति, महाराजा गंगाधर राव के साथ सामरिक कार्यों में भी भाग लिया।

लक्ष्मीबाई ने अपनी जीवन के दौरान निर्णायक भूमिका निभाई और आगे बढ़ने के लिए अपने पति, महाराजा गंगाधर राव के साथ सामरिक कार्यों में भी भाग लिया।

उन्होंने बुंदेलखंड क्षेत्र में अंग्रेज़ों के खिलाफ संघर्ष किया और बृतिश सेना के खिलाफ युद्ध किया।

1857 के भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के समय, जब सिपाही मुटिनी लाला ने दिल्ली में विद्रोह की घोषणा की, तब लक्ष्मीबाई ने भी अपने क्षेत्र में विद्रोह की शुरुआत की।

लेकिन दुर्भाग्य से, उन्हें 1858 में ग्वालियर के युद्ध में वीरगति प्राप्त हुई।

लेकिन दुर्भाग्य से, उन्हें 1858 में ग्वालियर के युद्ध में वीरगति प्राप्त हुई।