Independence Day 2023: आजादी से अब तक कितनी बार बदला राष्ट्र ध्वज

Independence Day 2023: आजादी से अब तक कितनी बार बदला राष्ट्र ध्वज

Independence day 2023: 15 अगस्त 1947 के दिन भारत को अंग्रेजी हुकुमत से आजादी मिली थी. इसके बाद से हर साल 15 अगस्त को हम स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाते हैं.

1906 से अब तक कई बार राष्ट्रीय ध्वज का स्वरूप बदल चुका है।

पहला राष्‍ट्रीय ध्‍वज 7 अगस्‍त 1906 को पारसी बागान चौक (ग्रीन पार्क) कलकत्ता में फहराया गया था. जिसे अब कोलकाता कहा जाता है. इस झंडे को लाल, पीले और हरे रंग की क्षैतिज पट्टियों से बनाया गया था. इसमें ऊपर हरा, बीच में पीला और नीचे लाल रंग था. इसके साथ ही इसमें कमल के फूल और चांद-सूरज भी बने थे.

दूसरा राष्ट्रीय ध्वज पेरिस में मैडम कामा और 1907 में उनके साथ निर्वासित किए गए कुछ क्रांतिकारियों द्वारा फहराया गया था. इस राष्ट्रध्वज में भी चांद सितारे आदि मौजूद था. साथ ही इसमें तीन रंग केसरिया, हरा और पीला शामिल था.

तीसरा ध्वज, 1917 में आया. डॉ. एनी बीसेंट और लोकमान्‍य तिलक ने घरेलू शासन आंदोलन के दौरान इसे फहराया था. इस झंडे में पांच लाल और 4 हरी क्षैतिज पट्टियां एक के बाद एक और सप्‍तऋषि के अभिविन्‍यास में इस पर सात सितारे बने थे. वहीं, बांई तरफ ऊपरी किनारे पर (खंभे की ओर) यूनियन जैक था. एक कोने में सफेद अर्धचंद्र और सितारा भी था.

चौथा तिरंगा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सत्र के दौरान फहराया गया था. यह दो रंगों (लाल और हरा) का बना हुआ था. ये ध्वज दो प्रमुख समुदायों अर्थात हिन्‍दू और मुस्लिम का प्रतिनिधित्‍व करता है.

वर्तमान तिरंगे की डिजाइन आंध्र प्रदेश के पिंगली वैकेंया ने बनाई थी.  सेना में काम कर चुके पिंगली वेंकैया (Pingali Venkayya) को महात्मा गांधी ये जिम्मेदारी सौंपी.

भारत का चौथा राष्ट्र ध्वज 1921 में निर्मित हुआ जो 10 सालों तक अस्तित्व में रहा. 1931 में हिंदुस्तान को एक बार फिर नया राष्ट्रध्वज मिला. चौथे राष्ट्रध्वज की तरह ही पांचवे राष्ट्रध्वज में भी चरखा का महत्वपूर्ण स्थान रहा.

चरखा के साथ ही केसरिया, सफ़ेद और हरे रंग का संगम रहा. इंडियन नेशनल कांग्रेस (आईएनसी) ने औपचारिक रूप से इस ध्वज को अपनाया था.